Close

    पीएम श्री स्कूल

    पीएम श्री स्कूल योजना के तहत, केंद्रीय विद्यालय थक्कोलम जैसे स्कूलों को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। पीएम श्री योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में मॉडल स्कूलों का निर्माण करना है, जो नई शिक्षा नीति 2020) के सिद्धांतों के आधार पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें।

    पीएम श्री स्कूल की विशेषताएँ केंद्रीय विद्यालय थक्कोलम में:

    1. समग्र शिक्षा:

      पीएम श्री स्कूलों में समग्र और बहुआयामी शिक्षा प्रदान की जाती है, जिसमें अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला, और व्यावसायिक शिक्षा का भी समावेश होता है।
      छात्र अपनी रुचियों के अनुसार विभिन्न सह-पाठयक्रम गतिविधियों में भाग ले सकते हैं, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाता है।

    2. नई शिक्षा नीति (2020) का कार्यान्वयन:

      पीएम श्री स्कूल नई शिक्षा नीति के सभी प्रमुख पहलुओं को अपनाते हैं, जैसे कि व्यावसायिक शिक्षा, तकनीकी साक्षरता, और राष्ट्रीय शिक्षा के मानकों को बढ़ावा देना।
      इसमें 21वीं सदी के कौशल जैसे क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या समाधान, और सृजनात्मकता पर जोर दिया जाता है।

    3. आधुनिक अवसंरचना:

      केंद्रीय विद्यालय थक्कोलम को पीएम श्री योजना के तहत स्मार्ट क्लासरूम, ई-लर्निंग मॉड्यूल, वर्चुअल लैब, और उन्नत विज्ञान प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
      छात्रों के लिए ICT (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) आधारित कक्षाएँ और डिजिटल लर्निंग के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

    4. पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण:

      पीएम श्री स्कूलों में पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए हरित पहलें अपनाई जाएंगी, जैसे सौर ऊर्जा का उपयोग, पानी की बचत, और कचरा प्रबंधन।
      स्कूल परिसर में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

    5. शिक्षकों का प्रशिक्षण और विकास:

      शिक्षकों को नवीनतम शैक्षणिक तकनीकों और पद्धतियों से प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे छात्रों को बेहतर और अधिक प्रभावी तरीके से शिक्षित कर सकें।
      केंद्रीय विद्यालय थक्कोलम में शिक्षकों की निरंतर पेशेवर विकास के लिए कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    6. समुदाय और अभिभावकों की भागीदारी:

      पीएम श्री योजना के तहत, स्कूलों में अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे स्कूल के विकास और बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भूमिका निभा सकें।